PM सूर्य घर योजना: क्या आपके खाते में भी अभी तक नहीं आई सब्सिडी? 3 गलतियां जो रोक रही हैं आपका पैसा
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को ₹78,000 की भारी सब्सिडी दी जा रही है। लेकिन देश भर से कई उपभोक्ताओं की शिकायत आ रही है कि मीटर लगने के 1-2 महीने बाद भी उनके बैंक खाते में सब्सिडी का पैसा नहीं आया है।
अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिनका नेशनल पोर्टल पर स्टेटस "Pending for Subsidy Disbursement" दिखा रहा है, तो इसके पीछे 3 बड़ी तकनीकी गलतियां हो सकती हैं। आइए जानते हैं इन्हें कैसे ठीक करें।
❌ गलती 1: बैंक खाता आधार से लिंक (DBT Enabled) न होना
सरकार सब्सिडी का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजती है। यदि आपका बैंक खाता NPCI सर्वर पर आधार से लिंक नहीं है या उसमें DBT की अनुमति नहीं है, तो पैसा सरकार की तरफ से रिलीज होने के बाद भी आपके खाते में क्रेडिट नहीं होगा और बाउंस हो जाएगा। बैंक जाकर सुनिश्चित करें कि आपका खाता Aadhaar Seeding for DBT के लिए एक्टिवेट है।
❌ गलती 2: बिजली बिल का नाम और बैंक खाते का नाम अलग होना
सब्सिडी उसी व्यक्ति के खाते में आती है जिसके नाम पर बिजली का मीटर (Electricity Connection) दर्ज है। यदि मीटर पिता के नाम पर है और नेशनल पोर्टल पर बैंक पासबुक बेटे की अपलोड की गई है, तो सिस्टम वेरिफिकेशन के दौरान एप्लीकेशन रिजेक्ट कर देता है या सब्सिडी होल्ड पर रख देता है। दोनों नाम 100% मैच होने चाहिए।
❌ गलती 3: गलत IFSC कोड या कैंसल्ड चेक अपलोड करना
सब्सिडी क्लेम करते समय नेशनल पोर्टल पर जो कैंसल्ड चेक या पासबुक की फोटो अपलोड की जाती है, वह एकदम साफ होनी चाहिए। यदि स्कैन की गई कॉपी में IFSC कोड या खाता संख्या पढ़ने में नहीं आ रही है, तो PFMS (Public Financial Management System) सॉफ्टवेयर ऑटोमैटिक रूप से पेमेंट रोक देता है।
✅ समाधान: अपना सब्सिडी स्टेटस कैसे चेक करें?
- नेशनल पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) पर अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- बाएं तरफ के मेनू में "Track Application" या "Subsidy Claim Status" पर क्लिक करें।
- यदि स्टेटस "PFMS Rejected" दिखा रहा है, तो तुरंत 'Update Bank Details' विकल्प पर जाकर सही पासबुक दोबारा अपलोड करें।
याद रखें, आमतौर पर नेट मीटरिंग अप्रूवल और कमीशनिंग रिपोर्ट (JCR) जमा होने के 30 दिन के भीतर सब्सिडी खाते में आ जाती है। यदि 30 दिन से अधिक समय हो गया है, तो तुरंत अपने बैंक और वेंडर से संपर्क करें।