हाउसिंग सोसाइटी और अपार्टमेंट्स (GHS/RWA) के लिए सोलर सब्सिडी नियम 2026: ₹18,000/kW छूट व लाखों की बिजली बचत

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भारत के बड़े शहरों—जैसे दिल्ली NCR, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई—में मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट और Group Housing Societies (GHS / RWAs) का सबसे बड़ा मासिक खर्च कॉमन एरिया इलेक्ट्रिसिटी बिल (Common Utility Bill) होता है। इसमें लिफ्ट्स (Elevators), वॉटर पंप्स (Water Pumps), कॉमन लाइटिंग, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल और अब EV चार्जिंग स्टेशन्स की बिजली शामिल है।

कई हाउसिंग सोसायटियों का मासिक बिजली बिल ₹50,000 से लेकर ₹5,00,000 प्रति माह तक पहुंच जाता है, जिसका बोझ सभी फ्लैट ओनर्स के मेंटेनेंस चार्ज (Maintenance Charge) पर पड़ता है।

🎯 केंद्र सरकार की PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना 2026: हाउसिंग सोसायटियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) के कॉमन एरिया लोड के लिए ₹18,000 प्रति किलोवाट की सीधी सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस (CFA) सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जो अधिकतम 500 kW प्लांट तक मान्य है!

1. हाउसिंग सोसायटियों (GHS/RWA) के लिए सब्सिडी स्लैब 2026

PM सूर्य घर पोर्टल के नियमों के अनुसार सोसाइटी के लिए सब्सिडी स्ट्रक्चर इंडिविजुअल घरों से अलग होता है:

सोलर प्लांट क्षमता (kW) अनुमानित कुल लागत PM सूर्य घर सब्सिडी (@ ₹18,000/kW) सोसाइटी का शुद्ध खर्च मासिक बिजली बिल बचत
10 kW (छोटा अपार्टमेंट) ₹5,20,000 ₹1,80,000 ₹3,40,000 ₹12,000 - ₹15,000/माह
25 kW (मध्यम सोसाइटी) ₹12,50,000 ₹4,50,000 ₹8,00,000 ₹30,000 - ₹38,000/माह
50 kW (बड़ी हाई-राइज RWA) ₹24,00,000 ₹9,00,000 ₹15,00,000 ₹60,000 - ₹75,000/माह
100 kW (टाउनशिप / मेगा सोसाइटी) ₹46,00,000 ₹18,00,000 ₹28,00,000 ₹1,25,000 - ₹1,55,000/माह
500 kW (अधिकतम लिमिट) ₹2,20,00,000 ₹90,00,000 (Max) ₹1,30,00,000 ₹6,50,000+/माह

2. GHS / RWA सोलर के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें (Eligibility)

सोसाइटी को सब्सिडी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित मानक पूरे करने होते हैं:

3. सोसाइटी में रूफटॉप स्पेस मैनेजमेंट: हाई-राइज रूफ कैनोपी

अपार्टमेंट्स की छत पर अक्सर पानी की टंकियां (Overhead Tanks), लिफ्ट रूम्स, सोलर वाटर हीटर और रेजिडेंट्स के टहलने की जगह होती है। इसके लिए एलिवेटेड सुपर-स्ट्रक्चर (High-Rise Super Structure) बनाया जाता है, जिसमें जमीन से 8 से 10 फीट की ऊंचाई पर सोलर पैनल्स लगाए जाते हैं। इससे नीचे की पूरी छत खाली रहती है और वॉकिंग या गार्डन स्पेस के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।

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4. RWA अप्रूवल से लेकर नेट मीटरिंग तक: 5 स्टेप प्रोसेस

  1. AGM या कमिटी रेजोल्यूशन: RWA मीटिंग में सोलर लगाने का प्रस्ताव पास करें।
  2. नेशनल पोर्टल रजिस्ट्रेशन: pmsuryaghar.gov.in पर GHS/RWA कैटेगरी में सोसाइटी कॉमन मीटर नंबर के साथ अप्लाई करें।
  3. DISCOM फिजिबिलिटी अप्रूवल: बिजली विभाग डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DT) क्षमता चेक करके टेक्निकल क्लीयरेंस देगा।
  4. इंस्टॉलेशन व टेस्ट रिपोर्ट: एम्पैनल्ड वेंडर द्वारा इंस्टॉलेशन और सेफ्टी टेस्ट रिपोर्ट सबमिशन।
  5. बाय-डायरेक्शनल नेट मीटर व सब्सिडी क्रेडिट: DISCOM द्वारा मीटर टेस्ट के बाद सब्सिडी सीधे RWA के बैंक खाते में DBT द्वारा क्रेडिट हो जाएगी।
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