Net Metering vs Gross Metering vs Net Billing: किसमें मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? 2026 स्टेट-वाइज नियम
नेट मीटरिंग नियम 2026 Net Billing vs Gross DISCOM बिजली बिलिंग
रूफटॉप सोलर लगवाने के बाद कई उपभोक्ताओं की शिकायत होती है: "हमारा सोलर तो रोज़ 20 यूनिट बिजली बना रहा है, लेकिन बिजली का बिल पूरी तरह जीरो क्यों नहीं हुआ?" इसका मुख्य कारण यह है कि उपभोक्ता को अपने राज्य के डिस्कॉम के मीटरिंग मैकेनिज्म (Net Metering vs Gross Metering vs Net Billing) की सही जानकारी नहीं होती।
2026 में बिजली मंत्रालय (MoP) और विभिन्न राज्य विद्युत नियामक आयोगों (SERCs) ने कमर्शियल और बड़े रेजिडेंशियल सोलर के लिए नियमों में बदलाव किए हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि किस सिस्टम में आपको सबसे ज्यादा आर्थिक फायदा होगा।
1. तीनों मीटरिंग सिस्टम की सीधी तुलना
| पैरामीटर | 1. Traditional Net Metering | 2. Net Billing / Net Feed-in | 3. Gross Metering |
|---|---|---|---|
| यूनिट एडजस्टमेंट | 1:1 यूनिट आधार (1 यूनिट एक्सपोर्ट = 1 यूनिट इंपोर्ट ऑफसेट) | फाइनेंशियल वैल्यू एडजस्टमेंट (इंपोर्ट टैरिफ vs एक्सपोर्ट APPC रेट) | पूरी सोलर बिजली ग्रिड को PPA रेट पर बेची जाती है |
| एक्सपोर्ट की गई बिजली का रेट | पूरा रिटेल टैरिफ (₹7 से ₹11/यूनिट) | लोअर एवरेज पावर परचेज कॉस्ट (₹2.75 से ₹3.75/यूनिट) | फिक्स फीड-इन टैरिफ (FiT - ₹2.50 से ₹3.50/यूनिट) |
| उपभोक्ता के लिए लाभ | ⭐⭐⭐⭐⭐ (सर्वाधिक बचत, 3.5 वर्ष ROI) | ⭐⭐⭐ (मध्यम बचत, 5 वर्ष ROI) | ⭐⭐ (कम बचत, कमर्शियल प्लांट्स हेतु) |
| 2026 में किसके लिए लागू? | रेजिडेंशियल घर (PM सूर्य घर के तहत 1kW से 10kW) | कमर्शियल, इंडस्ट्रियल व 10kW से बड़े कनेक्शन (कुछ राज्य) | इंडिपेंडेंट सोलर पावर प्रोड्यूसर्स (IPP / Utility Scale) |
2. 2026 में प्रमुख राज्यों के रूफटॉप सोलर मीटरिंग नियम
- महाराष्ट्र (MSEDCL): घरेलू सोलर हेतु 10kW तक 1:1 नेट मीटरिंग पूरी तरह चालू है। वित्तीय वर्ष के अंत में (31 मार्च) बची हुई सरप्लस यूनिट्स का पेमेंट APPC रेट (लगभग ₹3.10/यूनिट) पर बैंक खाते में होता है।
- गुजरात (UGVCL, DGVCL, PGVCL): PM सूर्य घर योजना के तहत रेजिडेंशियल नेट मीटरिंग पर सोलर एक्सपोर्ट पर 1:1 सेटलमेंट, 5 साल तक सरप्लस ₹2.25/यूनिट पर खरीदा जाता है।
- उत्तर प्रदेश (UPPCL): घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10kW तक नेट मीटरिंग मान्य, कमर्शियल संस्थानों के लिए नेट बिलिंग/ग्रॉस मीटरिंग लागू।
- राजस्थान (JVVNL/AVVNL): स्वीकृत लोड के 100% तक नेट मीटरिंग की अनुमति है।
- कर्नाटक (BESCOM): रेजिडेंशियल पर नेट मीटरिंग, जबकि हाई टेंशन (HT) कमर्शियल पर ग्रॉस मीटरिंग / व्हीलिंग नियम लागू।