सोलर इंस्टॉलेशन से बचत कैसे होती है?
ज्यादातर लोग सोलर को केवल "बिजली बिल कम करने" के रूप में देखते हैं। लेकिन वित्तीय रूप से, यह "महंगाई से बचाव" (Inflation Hedge) है।
चक्रवृद्धि का जादू
आज ₹5000 का बिजली बिल बहुत ज्यादा नहीं लग सकता है। लेकिन 5% वार्षिक मुद्रास्फीति के साथ, 10 वर्षों में वही बिल ₹8,100 प्रति माह और 20 वर्षों में ₹13,000 प्रति माह हो जाएगा।
सोलर पैनल लगाकर, आप प्रभावी रूप से अपनी बिजली की दर को अगले 25 वर्षों के लिए लॉक कर रहे हैं। आप आज भुगतान करते हैं, और भविष्य की सभी दर वृद्धि से बचते हैं।
शुद्ध मीटरिंग (Net Metering)
बचत का मुख्य तंत्र नेट मीटरिंग है। दिन के दौरान, आपके पैनल आपकी खपत से अधिक बिजली पैदा करते हैं। यह अतिरिक्त बिजली ग्रिड को वापस भेज दी जाती है (निर्यात)। रात में, आप ग्रिड से बिजली लेते हैं (आयात)। महीने के अंत में, आपको केवल (आयात - निर्यात) के लिए बिल दिया जाता है। यदि निर्यात > आयात है, तो आपका बिल शून्य हो सकता है (सिवाय फिक्स्ड चार्ज के)।