सोसायटी और अपार्टमेंट की लिफ्ट और लाइट का बिल जीरो कैसे करें? जानिए RWA सोलर सब्सिडी के नियम
मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले निवासियों की सबसे बड़ी शिकायत होती है— भारी-भरकम मेंटेनेंस चार्ज (Maintenance Fees)। इस मेंटेनेंस चार्ज का लगभग 40% हिस्सा केवल लिफ्ट, बोरवेल पंप, क्लब हाउस और कॉमन एरिया की लाइटों के बिजली बिल में चला जाता है।
भारत सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों (GHS) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) के लिए विशेष सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। आइए जानते हैं कि पूरी सोसायटी का बिजली बिल कैसे जीरो किया जा सकता है।
RWA और सोसायटी के लिए सरकारी सब्सिडी की दरें
सोसायटी के कॉमन एरिया मीटर (Common Services Meter) पर सोलर लगाने के लिए सरकार भारी सब्सिडी दे रही है:
- सब्सिडी दर: ₹18,000 प्रति किलोवाट
- अधिकतम सीमा: 500 किलोवाट (500 kW) तक की क्षमता पर कुल ₹90 लाख तक की सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है!
- पात्रता: 1 kW प्रति रेजिडेंशियल हाउस / फ्लैट के अनुपात में क्षमता स्वीकृत की जाती है।
ग्रुप नेट मीटरिंग (Group Net Metering & Virtual Net Metering)
कई राज्यों (जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात) में दो क्रांतिकारी नियम लागू हैं:
- कॉमन लोड नेट मीटरिंग: छत पर 50kW या 100kW का सोलर प्लांट लगाकर सीधे सोसायटी के मुख्य सर्विस मीटर (लिफ्ट और पंप) से जोड़ दिया जाता है। इससे सोसायटी का मेंटेनेंस बिल 70% तक गिर जाता है।
- वर्चुअल नेट मीटरिंग (VNM): यदि सोसायटी के पास बड़ी छत है, तो सोलर से बनने वाली यूनिट्स का क्रेडिट सभी फ्लैट मालिकों के व्यक्तिगत बिजली बिलों में उनके शेयर के हिसाब से आनुपातिक रूप से बांट दिया जाता है।
💰 पेबैक और आरओआई (ROI)
सोसायटी के लिए कमर्शियल टैरिफ (₹8 से ₹10 प्रति यूनिट) लगता है। ₹18,000/kW सब्सिडी के बाद एक 50kW का सोलर सिस्टम मात्र 2.5 से 3 साल में अपनी पूरी लागत वसूल कर लेता है, जिसके बाद अगले 22 साल तक लिफ्ट और पंप बिल्कुल फ्री चलते हैं!
✅ आवेदन कैसे करें?
RWA की जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में सोलर का प्रस्ताव पास करें, सोसायटी के कॉमन मीटर बिजली बिल और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के साथ pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर RWA श्रेणी में आवेदन करें।