किराएदार या 2 मंजिला मकान वाले कैसे लगाएं सोलर? जानिए फ्लोर-वाइज मीटर और रूफटॉप सोलर के सरकारी नियम
भारत में करोड़ों ऐसे परिवार हैं जो 2-3 मंजिला स्वतंत्र मकान में रहते हैं जहां ग्राउंड फ्लोर पर माता-पिता और फर्स्ट फ्लोर पर बेटा रहता है, या फिर ऊपर की मंजिल किराए पर दी गई होती है। ऐसे मकानों में आमतौर पर 2 या 3 अलग-अलग बिजली के मीटर (Sub-Meters / Independent Connections) लगे होते हैं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आने के बाद सबसे बड़ा भ्रम यही है कि: "छत तो एक ही है, तो क्या दोनों मीटरों पर अलग-अलग सोलर लग सकता है? क्या दोनों को ₹78,000-₹78,000 की सब्सिडी मिलेगी? और किराएदार का क्या नियम है?" आइए सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट करते हैं।
1. एक छत पर दो अलग-अलग मीटर: क्या दो सोलर सिस्टम लग सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल लग सकते हैं! भारत सरकार और बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के नियमों के अनुसार:
- यदि आपके पास दो अलग-अलग Consumer Account Numbers (CA Numbers) हैं, तो आप दोनों मीटरों के लिए अलग-अलग सोलर सिस्टम लगा सकते हैं।
- सब्सिडी का नियम: ग्राउंड फ्लोर मीटर के लिए 3kW पर ₹78,000 और फर्स्ट फ्लोर मीटर के लिए 3kW पर ₹78,000—यानी एक ही परिवार कुल ₹1,56,000 की सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकता है (बशर्ते छत पर 600 वर्ग फुट की जगह हो)।
- टेक्निकल सेटअप: दोनों मीटरों के लिए अलग-अलग इनवर्टर और अलग-अलग नेट मीटर (Net Meter) लगाए जाएंगे।
⚠️ शर्त: दोनों मीटर घरेलू (Domestic / Residential) होने चाहिए
यदि आपका एक मीटर दुकान, कमर्शियल ऑफिस या पीजी (PG) के नाम पर रजिस्टर्ड है, तो उस पर पीएम सूर्य घर की आवासीय सब्सिडी नहीं मिलेगी। सब्सिडी केवल उसी मीटर पर मिलती है जिसका टैरिफ डोमेस्टिक (LT-Domestic) होता है।
2. क्या किराएदार (Tenant) अपने नाम पर सोलर लगवा सकता है?
यदि आप किराए के मकान में रहते हैं:
- आप सोलर सिस्टम तभी लगवा सकते हैं जब मकान मालिक (Landlord) आपको NOC (No Objection Certificate) दे और बिजली का मीटर आपके नाम पर ट्रांसफर हो या आवेदन मकान मालिक के नाम से किया जाए।
- सब्सिडी का पैसा सीधे उसी बैंक खाते में आता है जो बिजली बिल के उपभोक्ता नाम से जुड़ा होता है।
- यदि आप पोर्टेबल प्लग-एंड-प्ले सोलर सिस्टम (Balcony Solar) लगाते हैं, तो आप मकान बदलते समय उसे अपने साथ ले जा सकते हैं, लेकिन उस पर सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती।
3. फ्लोर-वाइज सहमति (NOC) और रूफटॉप राइट्स
अगर एक ही बिल्डिंग में अलग-अलग फ्लोर्स के अलग-अलग मालिक हैं (Builder Floors), तो सोलर लगाने के लिए छत का मालिकाना हक (Roof Rights) या सभी फ्लोर मालिकों का सहमति पत्र जरूरी होता है। कई राज्यों में अब ग्रुप नेट मीटरिंग (Group Net Metering) की सुविधा भी उपलब्ध है जहां एक बड़ा सोलर प्लांट छत पर लगाकर उसकी यूनिट्स सभी फ्लैट्स के बिलों में आनुपातिक रूप से बांट दी जाती हैं।
✅ निष्कर्ष
यदि आपके घर में 2 या 3 मीटर हैं, तो एक बड़ा 6kW सिस्टम लगाने के बजाय दोनों मीटरों पर 3kW + 3kW के दो अलग-अलग सिस्टम लगवाएं। इससे आपको डबल सब्सिडी (₹1.56 लाख) मिलेगी और दोनों मीटरों का बिजली बिल स्थायी रूप से जीरो हो जाएगा!