सोलर लगवाने के बाद छत से पानी टपकने लगा? ड्रिलिंग और वॉटरप्रूफिंग की ये गलती कभी न करें
रूफटॉप सोलर लगवाने के बाद कई घरों में पहली ही बारिश में एक बड़ी मुसीबत सामने आती है— छत से पानी टपकना और कमरों में सीलन (Dampness & Leakage) आना।
जब सोलर का भारी स्ट्रक्चर छत पर कसा जाता है, तो अनट्रेंड इलेक्ट्रीशियन हथौड़े और ड्रिल मशीन से आरसीसी स्लैब में 4 से 6 इंच गहरे छेद कर देते हैं। अगर इन छेदों को सही वॉटरप्रूफिंग केमिकल से सील न किया जाए, तो बारिश का पानी सीधे छत की दरारों में घुसकर सरियों (Iron Rebars) में जंग लगा देता है। आइए जानते हैं इससे बचने के 3 अचूक तरीके।
1. बिना ड्रिलिंग वाला तरीका: कंक्रीट फाउंडेशन ब्लॉक (Ballast System)
अगर आपकी छत नई है या आपने हाल ही में वॉटरप्रूफिंग कोटिंग (Dr. Fixit / Asian Paints Damp Proof) करवाई है, तो छत में एक भी छेद न करवाएं:
- छत पर प्री-कास्ट कंक्रीट पैडेस्टल (30-40 kg प्रति लेग) रखवाएं।
- सोलर स्ट्रक्चर को इन सीमेंट के ब्लॉकों पर कसा जाता है। गुरुत्वाकर्षण और वजन के कारण 140 km/h की हवा में भी यह स्ट्रक्चर नहीं हिलता और छत की वॉटरप्रूफिंग 100% सुरक्षित रहती है।
2. केमिकल एंकर ग्राउटिंग (Chemical PU Sealant Injection)
यदि छत पर फास्टनर ड्रिल करना जरूरी हो:
- साधारण प्लास्टिक की गिट्टी और लोहे के नट का उपयोग कभी न करें।
- छेद करने के बाद उसमें से धूल साफ करके Hilti HIT / Fischer Chemical Mortar इंजेक्ट किया जाना चाहिए।
- फास्टनर लगाने के बाद बेस प्लेट के चारों तरफ पॉलीयुरेथेन (PU) सीलेंट या बिटुमेन टेप की डबल लेयर लगाएं।
⚠️ टीन शेड और एस्बेस्टस छत पर सावधानी
टीन शेड पर कभी भी छत को छेदकर नीचे तक नट न कसें। हमेशा EPDM रबर वॉशर वाले एल्युमिनियम मिनी-रेल्स (Mini Rails) का उपयोग करें जो स्क्रू कसते समय पानी के रिसाव को पूरी तरह ब्लॉक कर देते हैं।
✅ वेंडर कॉन्ट्रैक्ट में क्या लिखवाएं?
अपने सोलर इंस्टॉलेशन एग्रीमेंट में यह क्लॉज जरूर शामिल करें: "इंस्टॉलेशन के कारण होने वाले किसी भी वॉटर लीकेज या रूफ डैमेज की मरम्मत की 3 साल की पूरी जिम्मेदारी वेंडर की होगी।"