मकान बेचते या खरीदते समय सोलर और नेट मीटर कैसे ट्रांसफर करें? जानिए DISCOM के जरूरी नियम
आजकल सोलर पैनल लगा हुआ मकान खरीदना या बेचना एक बड़ा प्लस पॉइंट बन चुका है क्योंकि नए खरीदार को पहले दिन से ही जीरो बिजली बिल का फायदा मिलता है।
लेकिन प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो जाने के बाद अक्सर लोग बिजली मीटर तो नाम करवा लेते हैं, लेकिन सोलर नेट मीटरिंग कनेक्शन और 25 साल की वारंटी ट्रांसफर करवाना भूल जाते हैं। इसके बिना बिजली विभाग नेट मीटरिंग का क्रेडिट रोक सकता है। आइए जानते हैं ट्रांसफर की आसान स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया।
स्टेप 1: DISCOM में बिजली कनेक्शन का नाम परिवर्तन (Name Change)
सबसे पहले अपनी बिजली वितरण कंपनी (DISCOM - जैसे BSES, Tata Power, UPPCL, DHBVN, MSEDCL) के पोर्टल पर जाकर नियमित नाम परिवर्तन के लिए आवेदन करें:
- आवश्यक दस्तावेज: मकान की रजिस्टर्ड सेल डीड (Sale Deed), म्यूटेशन / खतौनी कॉपी, पुराने मालिक का NOC और नए मालिक का आधार कार्ड।
- जैसे ही CA नंबर / कंज्यूमर नंबर नए मालिक के नाम होगा, नेट मीटरिंग अकाउंट अपने आप लिंक हो जाएगा।
स्टेप 2: नेट मीटरिंग एग्रीमेंट का एंडोर्समेंट (PPA / Interconnection Endorsement)
पुराने मालिक ने बिजली विभाग के साथ 25 साल का Net Metering Interconnection Agreement साइन किया होता है:
- बिजली विभाग के सब-डिवीजन ऑफिस में एक साधारण ट्रांसफर फॉर्म जमा करें ताकि ग्रिड बैंकिंग यूनिट्स का क्रेडिट नए मालिक के खाते में विधिवत ट्रांसफर हो सके।
⚠️ सबसे जरूरी: सोलर पैनल और इनवर्टर की ओरिजिनल इनवॉइस और वारंटी कार्ड
मकान खरीदते समय पुराने मालिक से सोलर का मूल जीएसटी बिल (GST Invoice), इंस्टॉलेशन सर्टिफिकेट और इनवर्टर का लॉगिन यूजरनेम-पासवर्ड जरूर लें। इसके बिना 25 साल की मैन्युफैक्चरर रिप्लेसमेंट वारंटी क्लेम नहीं की जा सकती।
✅ प्रॉपर्टी वैल्यूएशन टिप
रूफटॉप सोलर लगे मकान की रीसेल वैल्यू मार्केट में ₹1.5 से ₹3 लाख अधिक होती है क्योंकि खरीदार को अगले 25 साल तक बिजली के बढ़ते बिलों से 100% सुरक्षा मिलती है।